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गोवा में डॉ. ए.के. द्विवेदी की पुस्तक ‘कैंसर में होम्योपैथी’ का विमोचन
राज्यपाल श्री पुसापति अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत एवं केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नाईक रहे मौजूद
इंदौर/गोवा, 4 अक्टूबर 2026। कैंसर के प्रति जागरूकता, उचित चिकित्सा एवं मरीजों की बेहतर जीवन-गुणवत्ता को लेकर कार्य कर रहे इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी की पुस्तक ‘कैंसर में होम्योपैथी : Supportive & Palliative Cancer Care’ का गोवा में आयोजित कार्यक्रम में विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन गोवा के माननीय राज्यपाल श्री पुसापति अशोक गजपति राजू, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत तथा केंद्रीय राज्यमंत्री श्री श्रीपाद येसो नाईक की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

इसी अवसर पर आयोजित 17वीं Palliative Cancer Conference भी संपन्न हुई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने कैंसर की रोकथाम, उपचार, supportive एवं palliative care तथा मरीजों की जीवन-गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन में डॉ. ए.के. द्विवेदी ने “Palliative and Supportive Care through Homoeopathy in Various Cancers” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कैंसर के एक मरीज का clinical case भी प्रस्तुत किया तथा कहा कि कैंसर के उपचार के साथ मरीज के दर्द, कमजोरी, मानसिक तनाव, नींद, भूख और अन्य लक्षणों के प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है। विशेष रूप से advanced cancer में मरीज की comfort, dignity और quality of life को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन में डॉ. नवल कुमार वर्मा, नई दिल्ली ने कैंसर की रोकथाम पर विशेष जोर देते हुए कहा कि तंबाकू, गुटखा, शराब, अन्य नशीले पदार्थों तथा कुछ हानिकारक रसायनों और पेस्टिसाइड्स के संपर्क को कैंसर के जोखिम से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को शुरुआत से ही नशे से दूर रखने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, जोखिम कारकों से बचने, समय पर जांच कराने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।
डॉ. द्विवेदी की पुस्तक में कैंसर के विभिन्न प्रकार, बचाव, प्रारंभिक पहचान, कैंसर के साथ जीवन, advanced cancer में palliative care तथा मरीज एवं परिवार के लिए supportive care जैसे विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि “पुस्तक का उद्देश्य कैंसर के प्रति भय पैदा करना नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को सही जानकारी एवं जागरूकता उपलब्ध कराना है। कैंसर के मरीज को अपनी बीमारी की स्थिति के अनुसार qualified medical professionals की सलाह से प्रमाणित उपचार लेना चाहिए।” सम्मेलन में डॉ. हनुमान चौधरी, Clinical Research Unit, CCRH, गोवा; डॉ. नवल कुमार वर्मा, नई दिल्ली; डॉ. विकास सिंघल, चंडीगढ़; डॉ. डी.एन. मिश्रा, भोपाल सहित विभिन्न राज्यों के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने कैंसर में supportive एवं palliative care, symptom management, रोगी की quality of life तथा मरीज और परिवार के भावनात्मक सहयोग पर विचार साझा किए।


